मिथिला लोक चित्रकला विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम कला संस्कृतियों में से एक है। इसकी ऐतिहासिकता का सबसे सशक्त प्रमाण रामायण काल में मिलता है। पौराणिक उल्लेखों के अनुसार, राजा जनक ने माता सीता के विवाह के अवसर पर संपूर्ण नगर की दीवारों को चित्रों से सजाने का आदेश दिया था। सदियों पुरानी यह 'भित्ति चित्र' (Wall Painting) परंपरा आज भी मिथिलांचल की पहचान बनी हुई है और स्पष्ट करती है कि यह कला इस क्षेत्र की रग-रग में रची-बसी है।
Darbhanga
SADAR DARBHANGA
GEHUMI KOTHIYA
10–20 वर्ष
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